Rebate in Premium for Good Customer and Punishment for Fraud Customers

इंश्योरेंस क्लेम लेने में किसी प्रकार की धोखाधड़ी करना अब पॉलिसीधारक को भारी पड़ेगा। कंपनियां अब एेसा सिस्टम विकसित करने जा रही हैं, जिसके तहत धोखाधड़ी करने वालों को ब्लैक लिस्टेड कर दिया जाएगा। फिर कोई कंपनी उनका इंश्योरेंस नहीं करेगी। इसके लिए जल्द ही बैंकों के क्रेडिट इंफॉर्मेशन ब्यूरो की तरह इंश्योरेंस ब्यूरो सिस्टम शुरू किया जाएगा।

सूत्रों के मुताबिक, कंपनियां अब बैंकों की तरह सिस्टम डेवलप करने के करीब पहुंच गई हैं। इसके तहत अगर किसी बीमाधारक या उसके नॉमिनी ने क्लेम लेने में धोखाधड़ी की, तो उन्हें इंश्योरेंस कंपनियां ब्लैकलिस्ट करेंगी। किसी का इंश्योरेंस करने से पहले यह देखा जाएगा कि कहीं वह ब्लैकलिस्टेड तो नहीं है। इंश्याेरेंस कंपनियों का कहना है कि क्लेम में कई तरह की धोखाधड़ी पकड़ी जा रही है। मगर कंपनियों के पास अब उस पर जुर्माना करने आैर क्लेम रोकने के अलावा कोई विकल्प नहीं है।

कंपनियों के उच्चाधिकारियों का कहना है कि हम इस बात पर भी विचार कर रहे हैं कि अगर क्लेम को लेकर कस्टमर का रिकॉर्ड अच्छा होगा तो उनको सस्ते इंश्योरेंस का फायदा पहुंचाया जाए। इस सिस्टम में व्यक्ति का इंश्योरेंस करने से पहले उसकी पूरी हिस्ट्री देखी जाएगी। इसमें यह देखा जाएगा कि आवेदक का प्रीमियम देने का रिकॉर्ड कैसा रहा है। उसका क्लेम रिकॉर्ड कैसा है। इसके आधार पर उसकी रेटिंग होगी। जिस व्यक्ति का रिकॉर्ड अच्छा होगा, उसे न केवल इंश्योरेंस आसानी से मिलेगा, बल्कि कंपनियां उसको प्रीमियम में छूट भी देगी।
बीमा क्लेम में धोखाधड़ी करना पड़ सकता है भारी